करवट बदल कर , सोना चाहता हूँ ।

मुकम्मल उनका , होना चाहता हूँ ।

माना कि कुछ , नाराज हैं वो ।

नाराजगी उनकी , धोना चाहता हूँ ।

- राजीव "हैरान"