कहे जा , कहे जा , दास्ताँ अपनी ,मैं सुन रहा हूँ , दास्ताँ अपनी ,सवार हैं एक ही कश्ती के ,संग तेरे है मुसाफ़िरी अपनी ।
कहे जा , कहे जा , दास्ताँ अपनी ,मैं सुन रहा हूँ , दास्ताँ अपनी ,
सवार हैं एक ही कश्ती के ,संग तेरे है मुसाफ़िरी अपनी ।