जाना ही है , थोड़ी देर में चले जाना ,

इक मेहरबानी अता फरमाना ,

लगता है बरसों से मायूस हो तुम ,

जाना , इक लम्हा मुस्कुरा कर जाना ,

बड़े सहमे से हो , इक लम्हा हँस कर जाना ,

मुस्कुराते हो तो बहुत हसीन लगते हो ,

जाना ही है , थोड़ी देर में चले जाना ,

हँसकर तुमनें फूलों को शर्मिंदा कर दिया ,

इस खता की क्या सज़ा मिले तुमको ,

कैद दिल की या आँखों की मिले तुमको ,

या जिन्दगी भर मुस्कुराने का लगे जुर्माना ,

जाना ही है , थोड़ी देर में चले जाना ।

- राजीव " हैरान "