हम भी गिने जाते कहीं जमाने में ,
गर राह में हाथ उसने ना छोड़ा होता ।
दिल का तोहफ़ा दिया था उसको हमनें ,
काश,खिलौना समझकर दिल ना तोड़ा होता ।
- राजीव "हैरान"


हम भी गिने जाते कहीं जमाने में ,
गर राह में हाथ उसने ना छोड़ा होता ।
दिल का तोहफ़ा दिया था उसको हमनें ,
काश,खिलौना समझकर दिल ना तोड़ा होता ।
- राजीव "हैरान"