झूठ जिसके लबों की रौनक हो ,
फरेब जिसकी अदा कहलाए ।
जमाना खंजर जिस नजर ,
को कहता हो ।
आशिक सजदे उसको करते हैं ,
और दिल से दुआ ये करते हैं ,
कि वो आए , बस वो आए ।
- राजीव " हैरान "


झूठ जिसके लबों की रौनक हो ,
फरेब जिसकी अदा कहलाए ।
जमाना खंजर जिस नजर ,
को कहता हो ।
आशिक सजदे उसको करते हैं ,
और दिल से दुआ ये करते हैं ,
कि वो आए , बस वो आए ।
- राजीव " हैरान "