अंदेशे नाकामी के ,

कातिल हैं उड़ानों के ।

उम्मीद कामयाबी की ,

मंजिल है उड़ानों की ।

ऊँचाई से नहीं डरते ,

आशिक आसमानों के ।

चट्टानें न रोक पायी हैं ,

रवानी दरिया के पानी की ।

- राजीव " हैरान "