मौत कहती है दुनिया जिसको ,
आशिक उसे जिन्दगी कहा करते हैं ।
फुरक़त के जीने से ,
फ़ौत को बेहतर कहा करते हैं ।
जख़्म होते हैं जो अरसे से नासूर हुए ,
जलवों की आतिश से भरा करते हैं ।
- राजीव " हैरान "


मौत कहती है दुनिया जिसको ,
आशिक उसे जिन्दगी कहा करते हैं ।
फुरक़त के जीने से ,
फ़ौत को बेहतर कहा करते हैं ।
जख़्म होते हैं जो अरसे से नासूर हुए ,
जलवों की आतिश से भरा करते हैं ।
- राजीव " हैरान "