बड़ा गुरूर था उसको ,
अपनी ताकत का ।
बड़ी दहशत थी ,
जमाने भर में उसकी ।
इन्सान था ,
महज तिरछी नजर से ,
हलाक हो गया ।
- राजीव " हैरान "


बड़ा गुरूर था उसको ,
अपनी ताकत का ।
बड़ी दहशत थी ,
जमाने भर में उसकी ।
इन्सान था ,
महज तिरछी नजर से ,
हलाक हो गया ।
- राजीव " हैरान "