इजहारे मुहब्बत पर ,
तो सिमट जाएंगे ।
गुल जो कहूँगा ,
तो सिहर जाएंगे ।
चाँद कहता नहीं ,
वो घटता है बहुत ।
रूह कह दूँगा ,
कि दिल में समा जाएंगे ।
- राजीव " हैरान "


इजहारे मुहब्बत पर ,
तो सिमट जाएंगे ।
गुल जो कहूँगा ,
तो सिहर जाएंगे ।
चाँद कहता नहीं ,
वो घटता है बहुत ।
रूह कह दूँगा ,
कि दिल में समा जाएंगे ।
- राजीव " हैरान "