भीड़ , भगदड़ में कोई नहीं देखता ,
आव , ताव ,चोट और घाव ,
जब तुम तुम ही रहोगे ,
तो कौन देखेगा ,भाव ,
भावना और घाव ,
इस भीड़ से ,
कुछ कम हो जाओ ,
कुछ दूर साथ चलो ,
मैं से हम हो जाओ ।
- राजीव " हैरान "


भीड़ , भगदड़ में कोई नहीं देखता ,
आव , ताव ,चोट और घाव ,
जब तुम तुम ही रहोगे ,
तो कौन देखेगा ,भाव ,
भावना और घाव ,
इस भीड़ से ,
कुछ कम हो जाओ ,
कुछ दूर साथ चलो ,
मैं से हम हो जाओ ।
- राजीव " हैरान "