हर एक कुदरत का गुनहगार है ,
सभी सज़ा के हकदार हैं ,
वक्त के हाथों गिरफ्तार हो गए ,
कुछ नजरबंद कुछ पाबंद हो गए ,
तफ़रीह सबकी मना हो गई ,
अपने घरों में सब बंद हो गए ।
- राजीव " हैरान "


हर एक कुदरत का गुनहगार है ,
सभी सज़ा के हकदार हैं ,
वक्त के हाथों गिरफ्तार हो गए ,
कुछ नजरबंद कुछ पाबंद हो गए ,
तफ़रीह सबकी मना हो गई ,
अपने घरों में सब बंद हो गए ।
- राजीव " हैरान "