अँधेरे में मेरे दिल के वीरानों में न आया करो ।
जानते नहीं इस सफर के खतरों को ।
खुद को अँधेरे से बचाया करो ।
जब बहारें हो बुलंदी पर ,
ख़ुशबू और नूर से नहाया करो ।
जब चाँदनी रात रौशन हो ,
दिल में बेखौफ चले आया करो ।
- राजीव " हैरान "


अँधेरे में मेरे दिल के वीरानों में न आया करो ।
जानते नहीं इस सफर के खतरों को ।
खुद को अँधेरे से बचाया करो ।
जब बहारें हो बुलंदी पर ,
ख़ुशबू और नूर से नहाया करो ।
जब चाँदनी रात रौशन हो ,
दिल में बेखौफ चले आया करो ।
- राजीव " हैरान "