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चाहत


चाँदनी जब जमीं पर बिखरती है ,तेरी यादें दिल में उतरती हैं ।

चाहत तेरी अब छुपा न पाऊँगा ,निगाहें बस तेरी तस्वीर पर ठहरतीं हैं ।

— राजीव " हैरान "
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