मोहब्बत क्या होती है ।
किसी को पा लेना या खुद को खो देना।
मोहब्बत पाने - खोने का नाम नही है ।
सुकून है, आरज़ू है, खलिश है,ज़ुस्तज़ु है कही।
मोहब्बत खोज है, गुम जाने का नाम भी,
मोहब्बत छुअन है, अनछुआ पैगाम भी,
मोहब्बत दायरा भी, अंतहीन एहसास भी,
मोहब्बत तृप्ति भी है , एक अतृप्त प्यास भी,
मोहब्बत शब्द भी है, एक नि: शब्द सारांश भी,
मोहब्बत दिल मे छुपी बैचेन फरियाद है।
मोहब्बत गीता है, बाइबिल और कुरान भी,
मोहब्बत धार्मिक सद्भाव है, कट्टरता का नाम नही,
मोहब्बत अज़ान है, प्रार्थना और नमाज़ भी,
मोहब्बत खुदा की नेमत है, दिलो की रहमत भी,
मोहब्बत साम्प्रदायिक सद्भाव है, हिंसा नहीं,
मोहब्बत संगीत है, नृत्य है, चित्रकला भी,
मोहब्बत वीणा का तार है बांसुरी की मिठास भी,
मोहब्बत ढोलक की थाप है सुरो का साज़ भी,
मोहब्बत कविता है , निबंध और संवाद भी,
मोहब्बत साहित्य है , चुटकुला और उपहास नहीं।
मोहब्बत भजन है, कीर्तन है, ईश्वर का जाप भी,
मोहब्बत ईश्वर भक्ति है, अंधविश्वास नहीं
मोहब्बत सेवा है, समर्पण और करुणा भी,
मोहब्बत दस्तगीर है, मज़बूरी और बेगार नही।
मोहब्बत माँ का त्याग भी है, पिता की डांट भी
मोहब्बत मातृभूमि के लिए वीरों का बलिदान भी,
मोहब्बत अधरों पे काँपती अनकही सी बात है।
मोहब्बत एक पल में मिला बरसो का साथ है ।


