ख्याल वही हैं, जिनके कारण कई रात न सोया हूँ...... उन्हीं ख्यालों में आज फिर से मैं खोया हूँ ख्याल वही है, जिनके कारण कई रात न सोया हूँ। पता नहीं क्यों?आज फिर से वो आए हैं अतीत के उन पन्नों को, फिर से सामने लाए हैं। पन्ने सामने हैं, फिर से उन्हें पढ़ सकता हूँ बार बार पढता था जिनको, आज उनसे ही डरता हूँ। डरता नहीं उन पन्नों से, डरता हूँ उनमे लिखी कहानी से चीख चीखकर पढता था जिनको, अपनी ही वाणी से। कहानी जो पहले कहानी न थी, थी जीवन की सच्चाई वक़्त के साथ सब ऐसे बदला, कि वो कहानी बनकर आई। कहानी यह अमिट बन जाए, ऐसा नहीं मैं चाहता हूँ सुखद अतीत स्मृतियों को, भूलना अब मैं चाहता हूँ। सुखद अतीत स्मृतियाँ वह, निराशा का अब उद्गम हैं प्रसन्नता का सरोवर वह, अवसाद ग्लानि का संगम हैं। नहीं सहेजना उन स्मृतियों को, जीवन को गति न देते हैं विस्मृत करना बेहतर उनको, जो मुझको विस्मृत कर देते हैं। अब उन्हें विस्मृत करने के ख्यालों में खोया हूँ ख्याल वही हैं, जिनके कारण कई रात न सोया हूँ।। ??रजत चोपड़ा??