कुछ ख्वाब बुने भी जाएंगे
थोडा सा जुनून तो लाएंगे,
जो मार्ग सत्य का कठीन लगे
उसको ही तय कर जायेंगें
है साहस हममें कूट कूट,
दुनियां को ये दिखलाएंगे
तूफान से दम तोड लड़ेंगे
नौका पार ले जायेंगे,
कुछ ख़्वाब _____
हैं सहे समय के वार बहुत
अंतरमन पर प्रतिहार बहुत
छतिग्रस्त हुई सीमाएं हैं,
हमको भी कुछ संकाये हैं,
क्या तुझसे श्रेष्ठ वीर भी है
धर धीरज धरे धीर भी है ,
निकल पडे जो आंखों से
सुख के मोती , दुख के आंसु
रण में वह केवल नीर ही है,
बांध , बांध साहस का बस
हम नीर से मोती लाएंगे ,
कुछ ख़्वाब बुने भी जायेंगे
थोड़ा सा जुनून तो लायेंगे
है साहस हम में कूट कूट
दुनिया को दिखलाएंगे,
कुछ ख़्वाब बुने भी जायेंगे
राजन


