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नियति


बांध दिये जो हाथ नियति नेकाट सके न काट चलेकाट दिये जो हाथ पृकृति नेबांध सके न बांध बनेबांट दिये जो हृदय समय नेबाट बने न पाट सकेछांट लिये जो साथ काल नेवो साथ चले न साथ रहे।राजवर्धन जोशी(aree jay)

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