Poetry 1 min read 783.1K reads

गुलशन


क्या फिर कोई गुलशनउजड़ने वाला हैशाख पर गिध्दों नेडेरा डाला हैबुलबुले कोयलेंसब छिप गयींजाने कहाँहर दरख्तसय्याद नेफंदा मारा है।राजवर्धन जोशी(are jay)

Read more Earn more Learn more