वो आया ऐसे यकायकतूफान लाया जैसेसमंदरों में मची कपकपीलहरें मचल मचल निकलसाहिल से होकर मचातीखलबली हर गली कूचेशोर करती गुम हर आवाज़कहे बस मेरी सुन धड़कनेजैसे।राजवर्धन जोशी(arwe jay)