शब्दभेदी बाण का अनुसंधान होना चाहिए
चित्त वृत्ति हरण को संधान होना चाहिए
कर्णभेदी हो न हो बस मर्म आहत कर सके
जो तरंगों में बहे वो बाण होना चाहिए।
शस्त्र आयुध शौर्य की रण में अपेक्षा ही क्या
एक घ्राण ह़ो एक भृकुटि ह़ो
कुशल गान होना चाहिए।
राजवर्धन जोशी
(aree jay)


