जिसमें सलीका नहीं
बोलने बताने को
वही आता है
मर्म,धर्म,कर्म को समझाने को
जिसने स्कूल में शायद
नहीं पढ़ा होगा
वही सभा में
सीना ताने बोलता होगा
जिसने कुछ भी नहीं
किया होगा
वही हर बात में
बड़ा होगा
जिसने सुख भोग किया
जीवन भर
वही दुख दर्द
बांचता होगा
जिसमें शऊर नहीं
कहने को
वही आता है
हरेक मसले को सुलझाने को
