आदमी

सारी उमर

संघर्ष करता ही रहा है

उलझनों, बीमारियों से, महामारी से

सदा लड़ता रहा है

चैन के पल बहुत ही कम पा सका

फिर सो गया जब मृत्यु आई

शांति पाई।

लोग तब लिखने लगे

दिव॔गत के लिए

चिर शांति के सन्देश

जिनका अर्थ क्या है !

अब तो चिर निद्रा में होकर शांत

सोया हुआ है चुपचाप

इस जीवन की सारी उलझनों से,

झ॔झटों से मुक्त।

जाने अब कहां हो

आत्मा का सूक्ष्मतम अस्तित्व

इस भौतिक जगत से

विलग और निर्लिप्त ।