ओ कोरोना
दूर रहना
पास मत आना
नहीं तो मार दूंगा मैं
तुम्हें बेमौत
कविताएं सुना कर।
बहुत घटिया और
स्तरहीन रचनाएं
जिन्हें पढ़ना या कि सुनना
किसी को भी था नहीं
बिल्कुल गवारा।
तुम मिलो
फिर बात क्या है!
मेरा दावा है कि इसके बाद
अपनी आत्महत्या का तरीका
खुद चुनोगे
साथ ही यह भी बता दूं
मेरे जैसे हैं हजारों लोग
जो लिखते हैं घटिया और
कहलाते हैं रचनाकार ।
बच के रहना, दूर रहना उन सभी से
अन्यथा
बे भाव की तुमको पड़ेगी
भूल जाओगे सभी वे दांव
जिनका खौफ
अब तक है दिखाया
और लोगों को सताया
बात ढ॔ग से समझ लेना
ओ कोरोना!


