गीत,कविता,लेख लिख कर
क्या बताना चाहते हो?
कौन सी वह बात जिससे जग अछूता?
लोग सब कुछ जानते हैं,समझते हैं
पढ़ चुके हैं पत्रिका,अखबार में।
घर में टी.वी. हाथ में मोबाइल लेकर
आस पास ,पड़ोस की भी थाह पा कर
जान जाते हैं सभी कुछ ,उचित अनुचित
लोग अब ज्यादा सयाने हो गये हैं।
किसको समझाने चले हो?
जो नहीं कुछ भी समझता ,जानता है
उसको समझाना बहुत दुश्वार है ।
बहुत कुछ अब भी समझना शेष है
स्वय॔ सीखो ब॔धु,श्रेयस्कर यही है ।
व्यर्थ ही यह काम क्यों करने चले हो?


