जीवन एक संयोग है

अनगिन अनुभवों से गुजारता है

दुख में रुलाता और सुख में हंसाता है

समस्याओं-समाधानों के खेल में उलझाता है

जीवन निरन्तर चलना, चलते रहना है

अजाने पथ पर बहुत कुछ देखना, सुनना है

अंतिम समय महामिलन, लय का होता है

अपनी तमाम उपलब्धियों, असफलताओं को सहेजे

घहुंचना होता है अगले आदेश की सुनवाई पर

एक नयी यात्रा की पुनरावृति होगी जहां से।