इधर-उधर की's image
713K

इधर-उधर की

हम तो अब भी जब कहो गंगा बहा दें

उस वजह से इक समंदर पास होना चाहिए।


सुख या दुख हमने कभी बांटा नहीं परिवार का

फि

Read More! Earn More! Learn More!