फिर दीपोत्सव आया

अंधकार को दूर भगाने

हम सब को आनन्दित करने

उजियारा संग लाया।

रंग-बिरंगी आतिशबाजी

बच्चों में है धूम मचाती

सब का मन हर्षाया।

खील बताशे और मिठाई

तुम्हें खिलाई, हमने खाई

छक कर पर्व मनाया।

आज का दिन जल्दी आ जाए

फिर से दीपावली मनाएं

और है मन ललचाया।