अंधे के हाथ में बटेर

जिसे कभी देखा नहीं

वह एकाएक उड़कर

हाथ पर बैठ जाए

तब उसे स॔भालना,

पकड़कर जकड़े रहना

बहुत मुश्किल काम है

अंधे के लिए।

वह बार-बार असफल होता है

लोग ह॔सते हैं, मजाक बनाते हैं

कुछ उल्टे सीधे परामर्श,

सलाह देने वाले मिल जाते हैं

बटेर को पकड़े रहने के

नये नये तरीके सुझाते हैं।

अंधा छद्म आत्मविश्वास से भर जाता है

इस उत्साह में न करने योग्य

कर जाता है

तब बटेर हाथ से निकल कर

उड़कर चला जाता है

अंधा हाथ मलता रह जाता है।