पहले जैसा नहीं बचा कुछ भी आदमी कब बदल गया इतना। हम कभी पास बहुत होते थे दूर वो कब चला गया इतना। ऐसी मक्कारियां कहां सीखीं कैसे खुदगर्ज बन गया इतना। बेवफाई का कुछ मलाल नहीं स॔गदिल कैसे हो गया इतना। सारे रिश्तों को भूल कर अब तू अपनी नजरों में चढ़ गया इतना। हम भी खुद को स॔भाल ही लेंगे दिल हकीकत समझ गया इतना।