जब तक साँस है तन में, भर जोश मन में दौड़।
विश्वास कर प्रयास कर, कभी आशा न छोड़।
बार-बार जो जाए हार, डर मत सुन शत्रु ललकार।
हर प्रयास के पुष्प से बन जाएगा विजय हार।
थक मत ,प्रगति पथ, भय-भाव दिखा न आह से।
धैर्य धर, देख चलकर, पग हठा न अपनी राह से।
तू रुक सकता है नही, तू झुक सकता है नहीं।
हर हाल में सम्हालकर, चल जैसा भी हो मोड़।
विश्वास कर प्रयास कर , कभी आशा न छोड़।
हिमशिखर चढ़ जा, सफलता की , छोड़ भय को।
निम्न से तू उच्च हो जा, जग बोले तेरी जय हो।
सीख नदी की धारा से, ठोकर खा फिर से चली।
उसने सागर पा लिया बनाती राह, वृहदनली।
एक लक्ष्य है आज तेरा, कल पाने की लालसा।
धूप परीक्षा को तैयार हो, कल बरसेगी सुख वर्षा।
यह सफलता का जो जल, मचा है जग में खलबल ।
सबको पाने की लालसा, सब में पीने की होड़।
विश्वास कर प्रयास कर , कभी आशा न छोड़।
जो दुत्कारें पाई हैं तूने, जो ठोकरें खाई है तूने।
उठ जा सम्हल, चबा अब साहस के चने।
तू नर है ये जान ले, तू वर है ये मान ले।
दो कर है तेरे पास में, कुछ करने की ठान ले।
जो युग नहीं वीरों का, जो युग नहीं धीरों का।
तू वीर बन, धीर बन, कायरता परम्परा तोड़।


