सच और झूठ's image
सच को हर मोड़ पे हारते देखा,
जूठ करता नंगा नाच ।
स्वाभिमान को टुकड़े टुकड़े होते देखा,
गुलामगिरी पर आती नही कोई आंच ।।
सचा आदमी हर कदम पे पापड़ बेले,
Read More! Earn More! Learn More!