
वैशाली
भावनाओ की सर ज़मीं की कली है।
बहनो की अम्मी की लाड़ली है।
आखो का काजल होठो की लाली है
नाम उसका वैशाली है।।
माथेकी बिंदी पैरो की पायल है।
खुशियोसे भरा एक आँचल है।
वो जिसके कानो में रंगीन बाली है
तकदीरों से मिलती ऐसी सहेली है।
नाम उसका वैशाली है।
गहरा सा समंदर मीठा सा
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