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सवाल-ए-वज़ूद


"जिन्दगी तुम्हारे वज़ूद का कभी ना कभी मकसद तो पूछती ही होगी,सच बताना तुमने जबाब ढूंढे या बेबसी मे ख़ुदा पर यकीन कर लिया।"

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