मैं रोया यहाँ परदेस में, माँ की आंचल भीग गई वहाँ स्वदेश में।
हर बार कैसे तू जान जाती है, क्या यही sixth sense कहलाती है?
भूख मुझे लगती है पर तड़प तू जाती है,
हाँ माँ, प्लीज बता, कैसे तू जान जाती है!
आधी आधी करके रोटी चार तू खिलाती है, वो राजमा की सब्जी मुझे आज भी बहुत याद आती है।
Momma’s boy कहलवाना अच्छा लगता है,
उनतीस का हो कर भी एक छोटा बच्चा लगता है!
खुश किस्मत हैं वो लोग, जिनके पास माँ है
क्योंकि तुम्ही से तो माँ मुकम्मल ये सारा जहान है!
-Rahul
