Poetry 1 min read 0 reads

शायरी


दुनिया में यार बस एक चराग़ जल रहा हैजिसे देख कर के हर एक चराग़ जल रहा है

ये जो आफ़ताब है इस दुनिया का क्या पता केकिसी और ख़ल्क़ में एक चराग़ जल रहा है ।

— वो फिर आएगी
Read more Earn more Learn more