वो वादे नहीं करते
दुश्मन पे वार करते है
भारत मां के बेटे है
अपने लहूं से देश की मिट्टी को सलाम करते है
वो खुद का गुणगान नहीं करते
जीवन कुर्बान करते हैं
भारत मां के बेटे है इस मिट्टी को सलाम करते है
कोई भारत को आंख दिखाये तो
फ़िर वो बादलों की तरह गरजते है
जो ना माने बातों से
फ़िर वो आंधी तूफानो की तरह बरसते हैं
भारत मां के बेटे है इस मिट्टी को सलाम करते हैं
कश्मीर की ठंडी हो या रेगिस्थान की गर्मी
देश की सुरक्षा में तलवारों पे चलते है
मेघालय की बरसात हो या केरल का बाढ़
वो सदैव तत्पर तैयार रहते है
भारत मां के बेटे है इस मिट्टी को सलाम करते हैं


