
जब ये दुनिया खत्म हो रही होगी
लोप का भाव तब सृजन पर भारी होगा
सबका हास हो रहा होगा
पैसा आजादी इच्छाएं अच्छाईयां
पर कुछ चीज जो हमेशा रहेगी
वो होगी तुम्हारी अना
तुम्हारी सुंदरता जो अमर है
मेरे शब्दों में
मेरी आकांक्षा जो अंत तक रहेगी
दबी हुई सी
हृदय की धमनियों में
और वो हास्य विनोद
जो तुमसे करता रहा
अपने अकेलेपन में
तुमको पास महसूस करके
क्या इस सबका कभी
खात्मा हो सकता है
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