ऐ वक़्त तू थोड़ा सुधर जा |पलट, फिर संभल जा |तुझे किसी का क्या डर ||फिर तू क्यों हो रहा इतना सख्त |
ऐ वक़्त तू थोड़ा सुधर जा |पलट, फिर संभल जा |
तुझे किसी का क्या डर ||फिर तू क्यों हो रहा इतना सख्त |