शुकर है हक़ीक़त में इज़हार-ए-इश्क़ के

कोई अलग सा दिन नहीं होते। 

वरना जब हम मिलें, और उसके पहले 

न जाने कब से

दिल की धड़कन तुम्हें कैसे सुना पाते! 


~ राहुल घोष | 8.2.2021