उसने कहा "जा रही हूं"

मैंने कहा दुबारा कब मिलोगी

उसने कहा " ख़ुद ढूंढना ,

मुझे किताबे बहुत बहुत पसंद हैं "

तब से

मैं रोज़ किताबे पढ़ रहा हूं

ना जाने किस पन्ने पर

फिर मुलाक़ात हो जाए।

राहुल भट्ट