कॉन्क्रीट के
जंगल शहर में भी
उग गये
घास प्रेम का
साहस का
प्रतिक l
रौंदा जाता
पैरों से
पर हार नहीं
मानता लगातार
जीवन के संघर्ष का
सिपाही घास l
~राहुल बरियारपुरी


कॉन्क्रीट के
जंगल शहर में भी
उग गये
घास प्रेम का
साहस का
प्रतिक l
रौंदा जाता
पैरों से
पर हार नहीं
मानता लगातार
जीवन के संघर्ष का
सिपाही घास l
~राहुल बरियारपुरी