वो वीर नहीं कहलायेगा ,

जो सुगम राह अपनाएगा l

कुछ पंथ जो निर्मित होते है ,

उसपे निष्प्राण से सोते है l

मुझको अनिर्मित प्यारे है ,

जिसमें विघ्न बाधा सारे है l

इन उबड़ खाबड़ रास्तों से ,

बनते पहचान हमारे है l

नये राह में जो दुश्वारी है ,

कायर जन कि लाचारी है l

हम बंजर में ही चलते है ,

कब बाधाओं से डरते है l

हम मुश्किल में भी हसतें है ,

नव निर्मित पथ करते चलते है l


~राहुल बरियारपुरी 

@RahulBriyarpuri