है हौंसला तो चलो
आशमां पीते है
ग़म के बरसते इन
बादलों को जीते है
हवा कि सर्द बेरुखी
नाजूक जिस्मों पे जीते है l
है हौंसला तो चलो
आशमां पीते है
गरजते चमकते डराते
हालात दिल से जीते है
उम्मीदों के बादलों से
गिरता ज़ख्म पीते है l
है हौंसला तो चलो
आशमां पीते है
दिल कि जमीन की
गमगीन सोंधी खुसबू जीते है
ग़मो कि बारिश है जिंदगी
चलो इसे बेख़ौफ़ जीते है l
~राहुल बरियारपुरी


