अब जो आना तो जरा चैन तुम लिये आना ,
बेचैन आके तुम बेचैन ही मत चले जाना l
इश्क़ हो तुम मेरी ख्यालों की दिल्लगी सी हो ,
दिल में बसी हो तुम दिल से मत चले जाना l
लोग कुछ तो बोलेंगे कई इलज़ाम होगा तुमपे ,
अब जो आना तो तुम जमाने पे मत चले जाना l
सुबह की धूप सी हो तुम मैं शाम मुझमें ही ढलना ,
आओ तो मेरे दिल को गुदगुदा के तुम मत चले जाना l
~राहुल बरियारपुरी


