तेरी मेहंदी का चाँद देखा मेरी ईद हुई

मेरी ज़ीस्त की तमन्ना तेरी दीद मेरी ईद हुई


पानी में तेरा अक्स चाँद से भी उजला है

है वुज़ू भी ज़रूरी पर मुझको तेरी उम्मीद मेरी ईद हुई


मुबारक़ चाँद सभी को मेरी नज़रें तुझपे है

जो मैं भी तकूं चाँद क्या ख़ाक मेरी ईद हुई


तेरी ग़ज़ाल आँखें तेरा संगमर्मर सा बदन

मेरे चाँद के सब सितारे हुए मुरीद मेरी ईद हुई

- राहुल अभुआ 'ज़फर'