सो जाओ 

मैं कहता हूँ मत जागो

जागे तो सुला दिए जाओगे

ज़िन्दा जला दिए जाओगे

सूली चढ़ा दिए जाओगे

यहाँ सब सोए हैं तुम देखो 

ये भी सोया है तुम देखो

वो भी सोया है तुम देखो

संसार सो रहा खुद देखो

तुम भी मत जागो..सो जाओ 

मैं सच कहता हूँ सो जाओ 


सुकरात जगे तो ज़हर दिया

जीसस जगे तो सूली चढे 

मंसूर की गर्दन जहाँ कटी 

हम खड़े सभी हैं अब भी वहीं 

क्यूँ इन सोतों की नींद तोड़ना

क्यूँ कर इनकी ज़ंजीर खोलना

क्या ज़िन्दा इन्हे कर पाओगे?

तुम जागे तो मर जाओगे

इसलिए तुम भी मत जागो..सो जाओ 

मैं सच कहता हूँ सो जाओ


जहां पागल रहना अच्छा हो

आँखें मूँदे चलना अच्छा हो

तुम क्या बदलोगे वो समाज

जो फूहड़ पथ पे चलता हो

'काली' पूजेंगे ये सारे

भक्षक खुद ही हैं ये सारे

प्रधान इनके खुद सोते हैं 

खुद को 'पैगम्बर' कहते है

क्या जगा इन्हे तुम पाओगे?

गर ये जागे तो तुम सुला दिए जाओगे

तुम भी मत जागो..सो जाओ 

मैं सच कहता हूँ सो जाओ

- © राहुल अभुआ 'ज़फर' ✒️