औलाद हमारी 'अफसर' है
तो क्या हुआ गर
उसे तेहज़ीब, तमीज़ और इक्वलिटी
का ज्ञात नहीं
फेमिनिज्म का झूठा चोँगा ओढ़ना तो आता है
बस काफी है ना
कह देंगे वो नासमझ है
पर औलाद हमारी अफसर है..
- © Rahul Abhua


औलाद हमारी 'अफसर' है
तो क्या हुआ गर
उसे तेहज़ीब, तमीज़ और इक्वलिटी
का ज्ञात नहीं
फेमिनिज्म का झूठा चोँगा ओढ़ना तो आता है
बस काफी है ना
कह देंगे वो नासमझ है
पर औलाद हमारी अफसर है..
- © Rahul Abhua