
एक दिन जहाज में जाने का सफर मिल गया,
मानो बहुप्रतीक्षित मौके का अवसर मिल गया |
मन ही मन में फूला नहीं समा रहा था,
हर आते जाते को किस्सा बता रहा था |
दो घंटे पहले पहुंचना पड़ गया,पहचान पत्र दिखाना पड़ गया |
चेक इन काउंटर पर अजब मसला हो गया,
कुछ समझ नहीं आये गज़ब झमेला हो गया |क्या बताएं सामान को हमसे जुदा कर दिया गया,
दे के टिकट हाथ में किसी लम्बी सी पटरी पे पटक दिया गया |
हुई मन में घबराहट फिर तनिक सोचा,
बड़ी अचकचाहट के बाद उन महिला से पूछा |महोदया मुझको जाना है जहाज से,
सामान भेज दिया आपने रेल यातायात से |
तुच्छ दृष्टि से देखते हुए कहा ऐसा कुछ नहीं होगा,
ना घबराएं आपका सामान आपके जहाज में ही होगा |
उसके बाद सुरक्षा वालों ने कुछ यूँ टटोल मारा,
हुई गुदगुदी छूटा हंसी का फब्बारा |
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