चाँद भी तेरी तरह जूठा है, मुस्कुराताभी है और नाराज़ भी है, मुझको धोखेसे बुला लेता है, उसके सीने में कोई दाग भी है, मेरे आँसू की ख़बर रखता है, उसकी आँखोंमें कोई आग भी है, हलके से मेरे जख़्म छूता है, शायद उसका दिल भी टूटा है, चाँद भी तेरी तरह जूठा है!