चौखट ही अब चरम है
तत्पश्चात सब भरम है.
जग जो आज ठहर गया
यह तेरा-मेरा करम है.

आ बैठ करें हिसाब ज़रा
खोलें अपनी किताब ज़रा
पन्ना क्यों सारा काला है
अब कुछ ना मिटने वाला है
तांडव जो मौत कर रही
ये न मिटने वाला भरम है.
चौखट ही अब चरम है
तत्पश्चात सब भरम है.

कहता था तू बलवान है
सर्व शक्तिमान है
एक वायरस की दस्तक ने
तेरा तोड़ दिया अभिमान है
कृति मानव की या प्रकृति की
यह गूढ़ जाने मरम है
चौखट ही अब चरम है
तत्पश्चात सब भरम है.

चौखट ही अब चरम है
तत्पश्चात सब भरम है.
जग जो आज ठहर गया
यह तेरा-मेरा करम है.